Use and work with the Indian Rupee symbol immediately!

We have a new symbol for Indian Rupee.

But as mentioned it would take time for us to start using and working with the symbol as there would be changes in software code etc.

Not really. Chaitanya of Foradian Technologies alerts me that it is possible immediately. They have designed a Rupee font which you can download on your system. By typing this ` (above tab on the left side of the keyboard) and use the Rupee font on the ` symbol, you get the Rupee symbol right away.

More details and methodology here.

I have tried it and it works. Thanks a ton Chaitanya for the information and to Foradia for developing this tool.

Addendum:
I realise this tool has been available for a while and many people already have it. I thought it has been out only recently. I just checked the date of the Foradia post and it was on 16 July 2010. So almost a week old by now.

9 Responses to “Use and work with the Indian Rupee symbol immediately!”

  1. Symbol for Indian Rupee can now be used.. « Indian Industry Tracker Says:

    […] However, Chaitanya of Foradian Technologies has designed a font for INR which is downloadable. Mostly economics covers the details on the […]

  2. sourav Says:

    Wait. remember there is an RTI expose which has revealed the irregularities in the rupee symbol contest. In all probability this symbol will not last long. My guess is that ministry will do a reevaluation of all symbols again and a new symbol will be selected in a transparent manner.
    For more information on RTI expose you can go to http://www.saveindianrupeesymbol.org/ and read it.

  3. Arjun Says:

    But does the symbol translate to the correct Unicode character? That is, if I see it in a different font, will the symbol still stay the same, as is the case with symbols like $, €, ¥ etc.?

    The Unicode encoding for the Rupee has been set at U+20A8. The font should encode this value into the document for forward compatibility when other fonts start having the correct symbol.

  4. jai ho Says:

    Long speep

    Q-Five RTI Activists Exposed Corruption In “Indian Rupee Symbol” Design Competition.. Whats your take on this? Asked by: infomaster

    Arvind Kejriwal, RTI activist say- A Good that they did it.
    read full coments by Kejriwal…
    http://ibnlive.in.com/chat/view/479.html

    “”Phir bhe mera bhart mahan””

  5. Anil Shrivastava Says:

    _Phir bhe Mera bhart mahan hi—
    http://www.24dunia.com/hindi-news/shownews/0/रूपए-पर-रूठा-कोटा/5085096.html

    कोटा। रूपए के प्रतीक चिह्न की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद अब प्रतीक चिह्न पर भी आपत्तियां आने लगी है। कोटा के छात्र विनय राहूरे ने भी रूपए के प्रतीक चिह्न को विभाग के मापदण्डों के अनुसार नहीं बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। प्रतियोगिता में प्रविष्टि भेजने वाले विनय का कहना है कि गलत चिह्न का चयन किया गया है। उन्होंने इस बारे में वित्त मंत्रालय संपर्क कर वहां भी विरोध दर्ज करवाया। कोटा के नयापुरा क्षेत्र निवासी विनय दिल्ली में डिजायनर है। प्रतियोगिता में राजस्थान से चार प्रतिभागियों ने प्रविष्टियां भेजी थी, जिसमें कोटा से विनय राहूरे भी शामिल था।

    यह है आपत्तियां
    विनय ने बताया कि नए प्रतीक चिह्न में दो खामियां स्पष्ट है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी मापदण्डों के अनुसार अक्षर का न्यूनतम आकार 4 पाइंट तक नहीं बिगडने वाला होना चाहिए था, लेकिन चयनित चिह्न को यदि 4 पाइंट में छोटा करेंगे तो ऊपर की ओर दो समानान्तर रेखाएं अदृश्य हो जाती हैं।

    इसके साथ ही भेजी जाने वाली प्रविष्टियां 6 गुणा 6 के आकार में होनी चाहिए। यानि उसकी चौडा 6 सेमी है तो लम्बाई भी 6 सेमी होनी चाहिए, लेकिन चयनित चिह्न इस मापदण्ड पर भी खरा नहीं उतर रहा। इसके साथ ही चयनित प्रतीक चिह्न में सांस्कृतिक व ऎतिहासिक विरासत भी नजर नहीं आ रही। विनय ने कहा कि ऎसे में प्रविष्टि को चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। इससे स्पष्ट होता है कि प्रतियोगिता में शामिल प्रविष्टियों पर पूरा ध्यान नहीं दिया गया। जो दिखने में अच्छा लगा उसे ही शामिल कर लिया गया।

    2 news.
    THE STATESMAN NEWS

    Ru pee symbol maker has DMK background Chennai, 16 July: The man who designed the award winning insignia for the rupees actually hails from a family attached to the DMK, a party actually known for its pro-Tamil tilt or anti-Hindi agitation in the 60s and 70s.
    Mr D Udaya kumar, presently working as assistant professor in IIT-Guwahati, and who came up with the design is the son of Mr N Dharmalingam, a former DMK MLA, who is a native of Marur in Villupuram district in North Tamil Nadu.

    READ FULL NEWS..

    http://www.thestatesman.net/index.php?option=com_content&view=article&id=334878&catid=36&Itemid=66

    ‘My son has brought glory to TN’

    CHENNAI: With every other report hailing an IIT-Bombay alumnus for designing the insignia of the Indian rupee, Jayalakshmi of Tondiarpet was feeling more and more cross. “They keep saying Bombay-based boy and destroy the glory that my son has brought to Tamil Nadu,” she rued. “They even misspell his name as ‘Uday’. ………
    Read full news……

    http://expressbuzz.com/cities/chennai/my-son-has-brought-glory-to-tn/190141.html

  6. Anil Shri Says:

    http://www.visfot.com/index.php/newsnetwork/3721.html
    परत-दर-परत उघड़ रही हैं रुपये के भ्रष्टाचार की परतें

    2-
    Rajsthan Patrika News
    कोटा। रूपए के प्रतीक चिह्न की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद अब प्रतीक चिह्न पर भी आपत्तियां आने लगी है। कोटा के छात्र विनय राहूरे ने भी रूपए के प्रतीक चिह्न को विभाग के मापदण्डों के अनुसार नहीं बताते हुए विरोध दर्ज कराया है। प्रतियोगिता में प्रविष्टि भेजने वाले विनय का कहना है कि गलत चिह्न का चयन किया गया है। उन्होंने इस बारे में वित्त मंत्रालय संपर्क कर वहां भी विरोध दर्ज करवाया। कोटा के नयापुरा क्षेत्र निवासी विनय दिल्ली में डिजायनर है। प्रतियोगिता में राजस्थान से चार प्रतिभागियों ने प्रविष्टियां भेजी थी, जिसमें कोटा से विनय राहूरे भी शामिल था।

    यह है आपत्तियां

    ………Read full news..

    http://www.24dunia.com/hindi-news/shownews/0/रूपए-पर-रूठा-कोटा/5085096.html

  7. Rupakr Says:

    BEST & NEW !! + GUIDE JUST SEE IT..!!!
    http://shubhamshastri.blogspot.com/2010/07/rupee-font-created-by-indus.html
    u can download it..
    IndusRupee : Rupee Symbol Font for Computer & Mobile Phone, Created.

  8. Anil Shri Says:

    Writen by प्रफुल्ल बिदवई
    भारतीय विशिष्ट वर्ग की एक बडी विशेषता है प्रतिष्ठा के प्रतीकों के प्रति उसकी कभी न मिटने वाली भूख और विशिष्ट क्लबों में प्रवेश पाने की उसकी मनोग्रस्तता। इसके उदाहरण हैं भारत के विश्व परमाणु क्लब में शामिल होने (दसियों वर्षों तक ‘परमाणु जाति भेद के प्रतीक के तौर पर उसकी आलोचना करने के बाद) और उस छोटे से राष्ट्र समूह में दाखिल होने पर, जो अंतरिक्ष में उपग्रह छोड सकता है, मनाई गई खुशियां। इसके अलावा भारत सरकार को विश्व की 20 सबसे बडी अर्थव्यवस्थाओं के समूह में शामिल होने का जो न्योता मिला है, उस पर उसे जो दंभपूर्ण संतोष हुआ है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् में स्थायी सीट हासिल करने के लिए जो वह अथक प्रयास कर रही है, उसे भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
    भारतीय रुपए के लिए एक नया राशि-चिह्न बनाने के बारे में सरकार का निर्णय भी इसी प्रतिष्ठा-पूजा का ही अंग है। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी का कहना था, ‘इससे रुपया अमरीकी डॉलर, ब्रिटिश पौंड, स्टरलिंग, यूरो और जापानी येन जैसी मुद्राओं के चुनिंदा क्लब में शामिल हो जाएगा, जिनकी अपनी एक स्पष्ट अलग पहचान है।’ यहां तक कि चीनी युआन को भी यह विशेष दर्जा हासिल नहीं है।
    जैसाकि वादा किया गया था, ऐसा नहीं लगता कि रुपए का नया प्रतीक ‘भारतीय लोकाचार’ और संस्कृति को दर्शाता और व्यक्त करता हो यह रोमन और देवनागरी लिपियों का मिश्रण है और इस अक्षर से विश्व के परिचित न होने के कारण इसे विश्व स्तर पर ज्यादा मान्यता भी नहीं मिल पाएगी। यूनानी, मंदारिन और अरबी जैसी इसमें चित्रमयता भी नहीं है। डॉलर, पौंड और येन दसियों वर्षों से विनिमेय मुद्राएं हैं। यूरो चिह्न अभी हाल में अस्तित्व में आया है, किंतु खास अंदाज के ‘ई’ अक्षर के जरिए यूनानी वर्णमाला के साथ इसकी निरंतरता को कायम रखा गया है। इस प्रकार यह चिह्न यूरोपीय सभ्यता की विरासत से जुडा हुआ है। किंतु रुपए के चिह्न में ऐसी कोई विशेषता नहीं है। इसके अलावा, ऐसा मुश्किल लगता है कि विश्व एक ऐसी मुद्रा के नए चिह्न को जिसमें बहुत कम विनिमय और व्यापार होना होता है, जल्दी से अपना पाए। भारत के विदेश व्यापार में हालिया बढाेतरी होने के बावजूद, माल असबाब और सेवाओं के विश्व व्यापार का यह लगभग मात्र 1.3 प्रतिशत ही है। अमरीका और चीन का व्यापार विश्व व्यापार का 10-10 प्रतिशत है। यहां तक कि यूके किसी भी तरह से कोई बडी अौर बढती हुई ताकत नहीं कहा जा सकता, उसका हिस्सा भी भारत की अपेक्षा दोगुने से भी ज्यादा है।……
    http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/1551/10/0#view

  9. Anil Says:

    3 MEMBER OF PARLIAMENT LOKSABHA —-QUESTION—REGARDING INDIAN RUPEE SYMBOL

    http://164.100.47.132/questionslist/MyFolder/20082010.pdf

    DATED 20-08-2010 (ORAL)

    New Symbol of Rupee

    †4459. SHRI MAHESHWAR

    HAZARI:

    SHRI RAKESH SINGH:

    SHRI MILIND DEORA:

    Will the Minister of FINANCE

    be pleased to state:

    (a) whether the Union Government has

    adopted a new symbol for the rupee;

    (b) if so, the details thereof; and

    (c) the importance and significance of

    this change in design and its likely effect on

    the growth of the economy?

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